गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का लगा आरोप

कार्यक्रम प्रभारी को किया गया निलंबित

रायपुर । विलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी द्वारा कोटय ब्लॉक के शिवतराई में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस कैंप में 155 हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने कोनी थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एनएसएस कैंप में हिंदू छात्रों को जवरदस्ती नमाज़ पढ़ाने के मामले में कार्यक्रम प्रभारी को निलंवित किया गया है जबकि पुलिस द्वारा तीन दिनों से शिकायत लेकर कोई कार्रवाई नही किए जाने से नाराज विश्विद्यालय के छात्रों व हिंदूवादी संगठनों ने विवि के प्रशासनिक भवन के मेन गेट पर जमकर हंगामा किया।

प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। आंदोलन कर रहे लोगों ने मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ वाइस साथ वाइस चांसलर को हटाने की मांग करते हुए ‘जीजीयू नही वनेगा जेएनयू’ के नारे लगाए। छात्रों ने प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. बसंत कुमार और कोऑर्डिनेटर दिलीप झा सहित अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है।

छात्रों के बयान के अनुसार, 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चले एनएसएस कैंप में रोज़ाना सुवह योग क्लास चलती थी। इसी दौरान नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। 31 मार्च को ईद के मौके पर मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाकर नमाज़ पढ़वाई गई और बाकी छात्रों को इसे दोहराने का निर्देश दिया गया। कैंप में कुल 159 छात्र शामिल थे, जिनमें केवल 4 मुस्लिम छात्र थे। छात्रों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें डराया गया और एनएसएस सर्टिफिकेट न देने की चेतावनी दी गई। आरोप है कि उन्हें कन्वर्ट करने की मंशा से ब्रेनवॉश किया गया। इस दौरान उनका मोबाइल जमा करवा लिए जाने के कारण वे घटना का कोई सबूत रिकॉर्ड नही कर पाए ।

इधर, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह का कहना है कि यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कोनी थाने में शिकायत कर एनएसएस कैंप में नमाज़ पढ़ाने का आरोप लगाया, जिसकी जांच की जा रही है।

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